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mahabharat 3.70.25: उसका समय निश्चित हो गया है। कल स्वयंवर होगा। हे शत्रुओं के शत्रु! यदि तुम्हारा वहाँ पहुँचना सम्भव हो, तो शीघ्र जाओ॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 3.70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.70.25 
तथा च गणित: काल: श्वोभूते स भविष्यति।
यदि सम्भावनीयं ते गच्छ शीघ्रमरिंदम॥ २५॥
 
 
अनुवाद
उसका समय निश्चित हो गया है। कल स्वयंवर होगा। हे शत्रुओं के शत्रु! यदि तुम्हारा वहाँ पहुँचना सम्भव हो, तो शीघ्र जाओ॥ 25॥
 
‘The time for that has been fixed. The swayamvara will take place tomorrow. O enemy of enemies! If it is possible for you to reach there, then go quickly.॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)