श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.70.23 
गत्वा सुदेव नगरीमयोध्यावासिनं नृपम्।
ऋतुपर्णं वचो ब्रूहि सम्पतन्निव कामग:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
'सुदेवजी! आप शीघ्रतापूर्वक अयोध्या में जाएँ, जैसे कि अपनी इच्छा से चलने वाला पक्षी शीघ्रतापूर्वक अयोध्या में जाता है और वहाँ के निवासी राजा ऋतुपर्ण से कह दें -॥ 23॥
 
'Sudevji! You should go to Ayodhya quickly like a swift bird that moves as per its will and tell its resident King Rituparna -॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)