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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना
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श्लोक 22
श्लोक
3.70.22
तत: सुदेवमाभाष्य दमयन्ती युधिष्ठिर।
अब्रवीत् संनिधौ मातुर्दु:खशोकसमन्विता॥ २२॥
अनुवाद
युधिष्ठिर! तत्पश्चात दमयन्ती ने ब्राह्मण सुदेव को बुलाकर दुःखी और शोकाकुल होकर अपनी माता से कहा-॥22॥
Yudhishthira! Thereafter Damayanti called the Brahmin Sudeva and said to her mother in grief and sorrow -॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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