Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.70.21: दमयन्ती की यह बात सुनकर परम उदार हृदय वाले पर्नाद ने उसे अपना शुभ आशीर्वाद देकर आश्वस्त किया और प्रसन्न होकर अपने घर चले गये। | mahabharat अध्याय 3.70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स एवमुक्तोऽथाश्वास्य आशीर्वादै: सुमङ्गलै:।
गृहानुपययौ चापि कृतार्थ: सुमहामना:॥ २१॥
अनुवाद
दमयन्ती की यह बात सुनकर परम उदार हृदय वाले पर्नाद ने उसे अपना शुभ आशीर्वाद देकर आश्वस्त किया और प्रसन्न होकर अपने घर चले गये।
Upon hearing Damayanti say this, the very generous-hearted Parnaada reassured her with his most auspicious blessings and went back to his home feeling gratified.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥