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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना
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श्लोक 2
श्लोक
3.70.2
नैषधं मृगयानेन दमयन्ति मया नलम्।
अयोध्यां नगरीं गत्वा भाङ्गासुरिमुपस्थित:॥ २॥
अनुवाद
'दमयन्ती! मैं निषधों के राजा नल की खोज में अयोध्या नगरी में गया और वहाँ राजा ऋतुपर्ण के दरबार में उपस्थित हुआ।॥ 2॥
'Damayanti! I went to the city of Ayodhya in search of Nala, the king of Nishadhans, and there I appeared in the court of King Rituparna.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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