Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.70.17-18h: जिस प्रकार सुदेव ने मुझे यहाँ लाकर शीघ्र ही मेरे बन्धुओं से मिला दिया, उसी शुभ उद्देश्य से सुदेव ब्राह्मण को भी शीघ्र ही अविलम्ब अयोध्या जाना चाहिए। हे माता! वहाँ जाने का उद्देश्य महाराज नल को यहाँ लाना है।॥17 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार सुदेव ने मुझे यहाँ लाकर शीघ्र ही मेरे बन्धुओं से मिला दिया, उसी शुभ उद्देश्य से सुदेव ब्राह्मण को भी शीघ्र ही अविलम्ब अयोध्या जाना चाहिए। हे माता! वहाँ जाने का उद्देश्य महाराज नल को यहाँ लाना है।॥17 1/2॥
‘Just as Sudeva brought me here and reunited me with my relatives quickly, for the same auspicious purpose Sudeva Brahmin should again go to Ayodhya quickly, without delay. Mother! The purpose of going there is to bring Maharaja Nala here.’॥ 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥