श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.70.13 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा त्वरितोऽहमिहागत:।
श्रुत्वा प्रमाणं भवती राज्ञश्चैव निवेदय॥ १३॥
 
 
अनुवाद
'बाहुक के वचन सुनकर मैं तुरन्त यहाँ आया हूँ। यह सब सुनकर अब कर्तव्य का निर्णय करने के अधिकारी आप ही हैं। (यदि आप चाहें तो) महाराज को ये बातें भी बता दीजिए।'॥13॥
 
'After hearing Bahuka's words, I immediately came here. After hearing all this, you are the only authority in deciding what is the duty. (If you wish) inform Maharaj about these things too.'॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)