Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.70.10: वह पुरुष बड़े क्लेश में पड़ा हुआ था, सुख के साधनों से वंचित था और भ्रमित हो गया था। ऐसी स्थिति में यदि उसने अपनी पत्नी को त्याग दिया है, तो पत्नी को इसके लिए उस पर क्रोध नहीं करना चाहिए॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह पुरुष बड़े क्लेश में पड़ा हुआ था, सुख के साधनों से वंचित था और भ्रमित हो गया था। ऐसी स्थिति में यदि उसने अपनी पत्नी को त्याग दिया है, तो पत्नी को इसके लिए उस पर क्रोध नहीं करना चाहिए॥10॥
‘That man was in great trouble, deprived of the means of happiness and had become confused. In such a condition, if he has abandoned his wife, then the wife should not be angry with him for this.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥