श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 70: पर्णादका दमयन्तीसे बाहुकरूपधारी नलका समाचार बताना और दमयन्तीका ऋतुपर्णके यहाँ सुदेव नामक ब्राह्मणको स्वयंवरका संदेश देकर भेजना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.70.1 
बृहदश्व उवाच
अथ दीर्घस्य कालस्य पर्णादो नाम वै द्विज:।
प्रत्येत्य नगरं भैमीमिदं वचनमब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
बृहदश्व मुनि कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात बहुत समय के पश्चात् पर्नाद नामक एक ब्राह्मण विदर्भ की राजधानी में लौटकर दमयन्ती से इस प्रकार बोला - 1॥
 
Brihadashva Muni says – King! Thereafter, after a long time, a Brahmin named Parnad returned to the capital of Vidarbha and spoke to Damayanti thus: 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)