पूज्य भगवान व्यास ने उन सबको रोक दिया और शीघ्र ही सिंहासन पर बैठे हुए बुद्धिमान धृतराष्ट्र के पास आकर कहा।
The revered Lord Vyasa stopped them all and quickly came to the wise Dhritarashtra sitting on the throne and said. 24.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि अरण्यपर्वणि व्यासागमने सप्तमोऽध्याय:॥ ७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत अरण्यपर्वमें व्यासजीके आगमनसे सम्बन्ध रखनेवाला सातवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)