Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.7.22: इस प्रकार आपस में बातें करके वे सब क्रोध और उत्साह से भरकर अलग-अलग रथों पर बैठ गए और पाण्डवों को मारने का निश्चय करके एक साथ नगर से बाहर निकल गए। | mahabharat अध्याय 3.7: दुर्योधन, दु:शासन, शकुनि और कर्णकी सलाह, पाण्डवोंका वध करनेके लिये उनका वनमें जानेकी तैयारी तथा व्यासजीका आकर उनको रोकना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार आपस में बातें करके वे सब क्रोध और उत्साह से भरकर अलग-अलग रथों पर बैठ गए और पाण्डवों को मारने का निश्चय करके एक साथ नगर से बाहर निकल गए।
Having thus conversed amongst themselves, filled with anger and enthusiasm, they all sat on separate chariots, and having resolved to kill the Pandavas, left the city together.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥