श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 7: दुर्योधन, दु:शासन, शकुनि और कर्णकी सलाह, पाण्डवोंका वध करनेके लिये उनका वनमें जानेकी तैयारी तथा व्यासजीका आकर उनको रोकना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  3.7.21 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा पूजयन्त: पुन: पुन:।
बाढमित्येव ते सर्वे प्रत्यूचु: सूतजं तदा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के ये वचन सुनकर सबने उसकी बारंबार प्रशंसा की और कर्ण के वचनों के उत्तर में सबने कहा - 'बहुत अच्छा, बहुत अच्छा।'॥ 21॥
 
On hearing these words of Karna, everyone praised him again and again and in reply to Karna's words everyone said - 'Very good, very good.'॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)