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mahabharat 3.7.19: 'जब वे सब मरकर शान्त हो जाएँगे और किसी अज्ञात स्थान अर्थात् परलोक को पहुँच जाएँगे, तब धृतराष्ट्र के पुत्र और हम सब लोग सब झगड़ों से मुक्त हो जाएँगे।॥19॥   |   mahabharat अध्याय 3.7: दुर्योधन, दु:शासन, शकुनि और कर्णकी सलाह, पाण्डवोंका वध करनेके लिये उनका वनमें जानेकी तैयारी तथा व्यासजीका आकर उनको रोकना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 7: दुर्योधन, दु:शासन, शकुनि और कर्णकी सलाह, पाण्डवोंका वध करनेके लिये उनका वनमें जानेकी तैयारी तथा व्यासजीका आकर उनको रोकना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.7.19 
तेषु सर्वेषु शान्तेषु गतेष्वविदितां गतिम्।
निर्विवादा भविष्यन्ति धार्तराष्ट्रास्तथा वयम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'जब वे सब मरकर शान्त हो जाएँगे और किसी अज्ञात स्थान अर्थात् परलोक को पहुँच जाएँगे, तब धृतराष्ट्र के पुत्र और हम सब लोग सब झगड़ों से मुक्त हो जाएँगे।॥19॥
 
'When all of them die and become peaceful and reach an unknown destination i.e. the other world, then the sons of Dhritarashtra and all of us will be free from all quarrels.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)