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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 7: दुर्योधन, दु:शासन, शकुनि और कर्णकी सलाह, पाण्डवोंका वध करनेके लिये उनका वनमें जानेकी तैयारी तथा व्यासजीका आकर उनको रोकना
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श्लोक 10
श्लोक
3.7.10
सर्वे भवामो मध्यस्था राज्ञश्छन्दानुवर्तिन:।
छिद्रं बहु प्रपश्यन्त: पाण्डवानां सुसंवृता:॥ १०॥
अनुवाद
हम सब लोग राजा की आज्ञा मानकर मध्यस्थ बनेंगे और गुप्त रूप से पाण्डवों की अनेक दुर्बलताओं का निरीक्षण करते रहेंगे॥10॥
All of us, following the King's orders, will become mediators and secretly keep observing the many weaknesses of the Pandavas.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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