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mahabharat 3.69.6: मैंने देखा है कि इस श्याम राजकुमारी के माथे पर कमल जैसा चिह्न छिपा है। जैसे चाँद बादलों से ढका रहता है, वैसे ही वह चिह्न धूल से ढका हुआ है।   |   mahabharat अध्याय 3.69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.69.6 
श्यामाया: पद्मसंकाशो लक्षितोऽन्तर्हितो मया।
मलेन संवृतो ह्यस्याश्छन्नोऽभ्रेणेव चन्द्रमा:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मैंने देखा है कि इस श्याम राजकुमारी के माथे पर कमल जैसा चिह्न छिपा है। जैसे चाँद बादलों से ढका रहता है, वैसे ही वह चिह्न धूल से ढका हुआ है।
 
I have seen that the lotus-like mark is hidden on the forehead of this dark princess. Like the moon covered by clouds, that mark is covered by dirt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)