Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.69.46: ‘किसी को यह पता न चले कि तुम ये बातें मेरी आज्ञा से कह रहे हो। जब तुम्हें उत्तर मिल जाए, तब तुम आलस्य छोड़कर तुरन्त यहाँ लौट आओ।’ 46. | mahabharat अध्याय 3.69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा च वो न जानीयाद् ब्रुवतो मम शासनात्।
पुनरागमनं चैव तथा कार्यमतन्द्रितै:॥ ४६॥
अनुवाद
‘किसी को यह पता न चले कि तुम ये बातें मेरी आज्ञा से कह रहे हो। जब तुम्हें उत्तर मिल जाए, तब तुम आलस्य छोड़कर तुरन्त यहाँ लौट आओ।’ 46.
‘No one should know that you are saying these things on my orders. When you get an answer, then you should leave your laziness and return here immediately. 46.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥