श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  3.69.44 
एवं ब्रुवाणान् यदि व: प्रतिब्रूयात् कथंचन।
स नर: सर्वथा ज्ञेय: कश्चासौ क्व नु वर्तते॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
'ब्राह्मणों! यदि ऐसा कहने के बाद कोई तुम्हें किसी प्रकार उत्तर दे, तो उसके विषय में पूरी जानकारी प्राप्त कर लो, जैसे कि वह कौन है, कहाँ रहता है, आदि।॥ 44॥
 
'Brahmins! If after saying such things someone replies to you in any manner, then obtain full information about that person, such as who he is, where he lives, etc.॥ 44॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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