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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना
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श्लोक 32
श्लोक
3.69.32
ततो भीमं महाराजं भार्या वचनमब्रवीत्।
दमयन्ती तव सुता भर्तारमनुशोचति॥ ३२॥
अनुवाद
तत्पश्चात् महाराज भीम की पत्नी ने उनसे कहा - 'हे भाई! आपकी पुत्री दमयन्ती अपने पति के लिए निरन्तर शोक करती रहती है।
Thereafter Maharaja Bhima's wife said to him - 'My dear brother! Your daughter Damayanti is constantly grieving for her husband.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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