श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.69.2 
राजा तु नैषधो नाम वीरसेनसुतो नल:।
भार्येयं तस्य कल्याणी पुण्यश्लोकस्य धीमत:॥ २॥
 
 
अनुवाद
वीरसेनपुत्र नल निषधदेश के प्रसिद्ध राजा हैं। वे उन परम बुद्धिमान पुण्यात्मा नल की शुभचिंतक पत्नी हैं। 2॥
 
Veersenputra Nal is a famous king of Nishaddesh. She is the well-wishing wife of that (supremely) intelligent virtuous person Nala. 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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