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श्लोक 3.69.16  |
यथैव ते पितुर्गेहं तथैव मम भामिनि।
यथैव च ममैश्वर्यं दमयन्ति तथा तव॥ १६॥ |
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| अनुवाद |
| 'भामिनी! तुम्हारे लिए मेरा घर तुम्हारे पिता के घर के समान है। दमयंती! यह सारा धन जैसे मेरा है, वैसे ही तुम्हारा भी है।'॥16॥ |
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| ‘Bhamini! For you, my house is like your father's house. Damayanti! All this wealth is yours just like it is mine.'॥ 16॥ |
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