श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.69.11 
स मलेनापकृष्टेन पिप्लुस्तस्या व्यरोचत।
दमयन्त्या यथा व्यभ्रे नभसीव निशाकर:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मैल धुल जाने पर उसके माथे का चिन्ह मेघरहित आकाश में चन्द्रमा के समान चमकने लगा ॥11॥
 
After the dirt was washed away, the mark on his forehead shone like the moon in a cloudless sky. ॥11॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd