श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 69: दमयन्तीका अपने पिताके यहाँ जाना और वहाँसे नलको ढूँढ़नेके लिये अपना संदेश देकर ब्राह्मणोंको भेजना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.69.10 
तच्छ्रुत्वा वचनं तस्य सुदेवस्य विशाम्पते।
सुनन्दा शोधयामास पिप्लुप्रच्छादनं मलम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! सुदेव के ये वचन सुनकर सुनन्दा ने दमयन्ती के माथे पर लगे हुए दाग को धो डाला।
 
Yudhishthira! On hearing these words of Sudeva, Sunanda washed away the dirt covering the mark on Damayanti's forehead.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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