श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 68: विदर्भराजका नल-दमयन्तीकी खोजके लिये ब्राह्मणोंको भेजना, सुदेव ब्राह्मणका चेदिराजके भवनमें जाकर मन-ही-मन दमयन्तीके गुणोंका चिन्तन और उससे भेंट करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.68.24 
तुल्यशीलवयोयुक्तां तुल्याभिजनसंवृताम्।
नैषधोऽर्हति वैदर्भीं तं चेयमसितेक्षणा॥ २४॥
 
 
अनुवाद
विदर्भ की राजकुमारी दमयंती राजा नल के समान ही गुण और आयु वाली है तथा उन्हीं के समान उत्तम कुल से सुशोभित है। निषधन के राजा नल विदर्भ की राजकुमारी के योग्य हैं और यह काले नेत्रों वाला वैदर्भि नल के योग्य है।॥ 24॥
 
Damayanti, the princess of Vidarbha, is of the same character and age as King Nala and is adorned with a noble family like him. The king of Nishadhan, Nala, is worthy of the princess of Vidarbha and this Vaidarbhi with the black eyes is worthy of Nala.॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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