Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.68.21: मैं भी इस राजकुमारी को दुःखी देखकर बहुत दुःखी हूँ, जो काले केशों और कमल पुष्पों के समान बड़े-बड़े नेत्रों से सुशोभित है, जो शाश्वत सुख के योग्य है॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 3.68: विदर्भराजका नल-दमयन्तीकी खोजके लिये ब्राह्मणोंको भेजना, सुदेव ब्राह्मणका चेदिराजके भवनमें जाकर मन-ही-मन दमयन्तीके गुणोंका चिन्तन और उससे भेंट करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं भी इस राजकुमारी को दुःखी देखकर बहुत दुःखी हूँ, जो काले केशों और कमल पुष्पों के समान बड़े-बड़े नेत्रों से सुशोभित है, जो शाश्वत सुख के योग्य है॥ 21॥
I am also very sad to see this princess, who is adorned with black hair and large eyes like lotus flowers, who is fit for eternal happiness, sad. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥