श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 68: विदर्भराजका नल-दमयन्तीकी खोजके लिये ब्राह्मणोंको भेजना, सुदेव ब्राह्मणका चेदिराजके भवनमें जाकर मन-ही-मन दमयन्तीके गुणोंका चिन्तन और उससे भेंट करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.68.2 
संदिदेश च तान् भीमो वसु दत्त्वा च पुष्कलम्।
मृगयध्वं नलं चैव दमयन्तीं च मे सुताम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
राजा भीम ने ब्राह्मणों को प्रचुर धन देकर यह संदेश दिया - 'तुम सब लोग राजा नल और मेरी पुत्री दमयन्ती की खोज करो।॥ 2॥
 
After giving abundant wealth to the Brahmins, King Bhima gave them this message - 'You all should search for King Nala and my daughter Damayanti.॥ 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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