एवं नलं च संदिश्य वासो दत्त्वा च कौरव।
नागराजस्ततो राजंस्तत्रैवान्तरधीयत॥ २६॥
अनुवाद
कुरुनन्दन युधिष्ठिर! इस प्रकार राजा नल को संदेश और वस्त्र देकर राजा कर्कोटक वहीं अन्तर्धान हो गये।
Kurunandan Yudhishthir! In this way, after giving the message and clothes to King Nala, King Karkotak disappeared there.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि नलोपाख्यानपर्वणि नलकर्कोटकसंवादे षट्षष्टितमोऽध्याय:॥ ६६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत नलोपाख्यानपर्वमें नलकर्कोटकसंवादविषयक छाछठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)