श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 66: राजा नलके द्वारा दावानलसे कर्कोटक नागकी रक्षा तथा नागद्वारा नलको आश्वासन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.66.23 
सममेष्यसि दारैस्त्वं मा स्म शोके मन: कृथा:।
राज्येन तनयाभ्यां च सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ २३॥
 
 
अनुवाद
मैं तुमसे सत्य कहता हूँ, तुम अपनी स्त्री, अपने पुत्र और अपने राज्य को एक ही समय में पुनः प्राप्त कर लोगे; इसलिए तुम मन में चिन्ता मत करो। ॥23॥
 
"I tell you the truth. You will regain your wife, your children and your kingdom at the same time; therefore, do not worry in your mind." ॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)