Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.66.2-3: इतने में ही उन्हें किसी प्राणी की वाणी सुनाई दी- ‘धर्मात्मा राजा नल! दौड़ो, मेरी रक्षा करो।’ इस वाणी को बार-बार उच्च स्वर में सुनकर राजा नल बोले- ‘डरो मत।’ ऐसा कहकर वे अग्नि में प्रवेश कर गए। वहाँ उन्होंने एक नागराज को कुंडली मारकर सोते हुए देखा॥ 2-3॥ | mahabharat अध्याय 3.66: राजा नलके द्वारा दावानलसे कर्कोटक नागकी रक्षा तथा नागद्वारा नलको आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतने में ही उन्हें किसी प्राणी की वाणी सुनाई दी- ‘धर्मात्मा राजा नल! दौड़ो, मेरी रक्षा करो।’ इस वाणी को बार-बार उच्च स्वर में सुनकर राजा नल बोले- ‘डरो मत।’ ऐसा कहकर वे अग्नि में प्रवेश कर गए। वहाँ उन्होंने एक नागराज को कुंडली मारकर सोते हुए देखा॥ 2-3॥
In the middle of this he heard the voice of some creature- 'Pious King Nala! Run, save me.' Hearing this voice repeated again and again in a loud voice, King Nala said- 'Do not be afraid.' Saying this he entered the fire. There he saw a King Cobra lying in a coil and sleeping.॥ 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥