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mahabharat 3.66.15: 'महाराज नल! जिस कलियुग के छल से आपको महान दुःख हुआ है, वह मेरे विष से भस्म हो जाएगा और आपके भीतर महान पीड़ा के साथ निवास करेगा॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 3.66: राजा नलके द्वारा दावानलसे कर्कोटक नागकी रक्षा तथा नागद्वारा नलको आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 66: राजा नलके द्वारा दावानलसे कर्कोटक नागकी रक्षा तथा नागद्वारा नलको आश्वासन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.66.15 
यत्कृते चासि निकृतो दु:खेन महता नल।
विषेण स मदीयेन त्वयि दु:खं निवत्स्यति॥ १५॥
 
 
अनुवाद
'महाराज नल! जिस कलियुग के छल से आपको महान दुःख हुआ है, वह मेरे विष से भस्म हो जाएगा और आपके भीतर महान पीड़ा के साथ निवास करेगा॥ 15॥
 
'Maharaja Nala! The Kali Yuga, whose deceit has caused you great sorrow, will be burnt by my poison and will reside within you with great pain.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)