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श्लोक 3.64.96  |
एवमुक्त्वा नलस्येष्टां महिषीं पार्थिवात्मजाम्।
अन्तर्हितास्तापसास्ते साग्निहोत्राश्रमास्तथा॥ ९६॥ |
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| अनुवाद |
| नल की प्रिय रानी राजकुमारी दमयन्ती से ऐसा कहकर वे सभी तपस्वी अग्निहोत्र और आश्रम सहित अन्तर्धान हो गए ॥96॥ |
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| Saying this to Nala's beloved Queen Princess Damayanti, all the ascetics disappeared along with Agnihotra and the ashram. 96॥ |
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