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mahabharat 3.64.79-81: वे निषाद वंश के रक्षक, अत्यन्त तेजस्वी, महापराक्रमी, सत्यवादी, धार्मिक, विद्वान, सत्यनिष्ठ, शत्रुओं का नाश करने वाले, ब्राह्मणभक्त, देवताओं के उपासक, रूप और धन से युक्त तथा शत्रुओं की राजधानी को जीतने वाले हैं। मेरे स्वामी लोकों में श्रेष्ठ इन्द्र के समान तेजस्वी हैं। उनके नेत्र विशाल हैं, उनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर है, वे शत्रुओं का नाश करने वाले, बड़े-बड़े यज्ञों के आयोजक और वेदों के पारंगत विद्वान हैं। 79-81॥   |   mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट  »  श्लोक 79-81
 
 
श्लोक  3.64.79-81 
गोप्ता निषधवंशस्य महातेजा महाबल:।
सत्यवान् धर्मवित् प्राज्ञ: सत्यसंधोऽरिमर्दन:॥ ७९॥
ब्रह्मण्यो दैवतपर: श्रीमान् परपुरंजय:।
नलो नाम नृपश्रेष्ठो देवराजसमद्युति:॥ ८०॥
मम भर्ता विशालाक्ष: पूर्णेन्दुवदनोऽरिहा।
आहर्ता क्रतुमुख्यानां वेदवेदाङ्गपारग:॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
वे निषाद वंश के रक्षक, अत्यन्त तेजस्वी, महापराक्रमी, सत्यवादी, धार्मिक, विद्वान, सत्यनिष्ठ, शत्रुओं का नाश करने वाले, ब्राह्मणभक्त, देवताओं के उपासक, रूप और धन से युक्त तथा शत्रुओं की राजधानी को जीतने वाले हैं। मेरे स्वामी लोकों में श्रेष्ठ इन्द्र के समान तेजस्वी हैं। उनके नेत्र विशाल हैं, उनका मुख पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर है, वे शत्रुओं का नाश करने वाले, बड़े-बड़े यज्ञों के आयोजक और वेदों के पारंगत विद्वान हैं। 79-81॥
 
'He is the protector of the Nishadha clan, very brilliant, very powerful, truthful, religious, learned, committed to the truth, a destroyer of enemies, a devotee of Brahmins, a worshiper of Gods, endowed with beauty and wealth and the one who conquers the capital of the enemies. My master is as bright as Lord Indra, the best of the worlds. His eyes are huge, his face is as beautiful as the full moon, he is the destroyer of enemies, the organizer of big yagyas and an expert scholar of the Vedas. 79-81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)