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mahabharat 3.64.69: तत्पश्चात् दमयन्ती का यथोचित आदर-सत्कार करके तपस्वियों ने कहा - 'शुभ! बैठो और बताओ कि हम तुम्हारा कौन-सा कार्य सम्पन्न करें?'॥69॥   |   mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  3.64.69 
पूजां चास्या यथान्यायं कृत्वा तत्र तपोधना:।
आस्यतामित्यथोचुस्ते ब्रूहि किं करवामहे॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दमयन्ती का यथोचित आदर-सत्कार करके तपस्वियों ने कहा - 'शुभ! बैठो और बताओ कि हम तुम्हारा कौन-सा कार्य सम्पन्न करें?'॥69॥
 
Thereafter, after honouring Damayanti with due respect, the ascetics said, 'Shubh! Sit down, tell us, which of your tasks shall we accomplish?'॥ 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)