Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.66: उसकी भौहें बहुत सुंदर थीं। उसके बाल बहुत सुंदर लग रहे थे। उसके नितंब, स्तन, दाँत और चेहरा, सब सुंदर थे। उसकी प्यारी काली आँखें बड़ी-बड़ी थीं। वह दीप्तिमान और गरिमामयी थी। | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसकी भौहें बहुत सुंदर थीं। उसके बाल बहुत सुंदर लग रहे थे। उसके नितंब, स्तन, दाँत और चेहरा, सब सुंदर थे। उसकी प्यारी काली आँखें बड़ी-बड़ी थीं। वह दीप्तिमान और गरिमामयी थी।
Her eyebrows were very beautiful. Her hair looked lovely. Her buttocks, breasts, teeth and face were all beautiful. Her lovely black eyes were large. She was radiant and dignified.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥