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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  3.64.61 
सा गत्वा त्रीनहोरात्रान् ददर्श परमाङ्गना।
तापसारण्यमतुलं दिव्यकाननशोभितम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
तीन दिन और तीन रात चलने के बाद उस कुलीन महिला को एक ऐसा वन दिखाई दिया जिसमें तपस्वी लोग रहते थे और जो एक अद्वितीय तथा दिव्य वन से सुशोभित था।
 
After walking for three days and three nights the noble lady saw a forest inhabited by ascetics and adorned with a unique and divine forest. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)