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mahabharat 3.64.49: उसी राजा वीरसेन का एक वीर पुत्र है जो अत्यन्त सुन्दर और पराक्रमी है। वह अपने पिता से प्राप्त राज्य का शासन करता है॥ 49॥   |   mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  3.64.49 
तस्य राज्ञ: सुतो वीर: श्रीमान् सत्यपराक्रम:।
क्रमप्राप्तं पितु: स्वं यो राज्यं समनुशास्ति ह॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
उसी राजा वीरसेन का एक वीर पुत्र है जो अत्यन्त सुन्दर और पराक्रमी है। वह अपने पिता से प्राप्त राज्य का शासन करता है॥ 49॥
 
‘The same King Veerasena has a brave son who is very handsome and valiant. He rules the kingdom inherited from his father.॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)