Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.28: हे पुरुषश्रेष्ठ, मेरे दुःख को बढ़ाने वाले! मैं किससे पूछूँ कि आप यहीं हैं या कहीं और चले गए हैं? मैं आपके शोक से दुर्बल होकर महान दुःख से व्याकुल हो रहा हूँ। | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुरुषश्रेष्ठ, मेरे दुःख को बढ़ाने वाले! मैं किससे पूछूँ कि आप यहीं हैं या कहीं और चले गए हैं? मैं आपके शोक से दुर्बल होकर महान दुःख से व्याकुल हो रहा हूँ।
O best of men who are increasing my grief! Whom should I ask whether you are here or have you gone somewhere else? I am overcome with great sorrow, having become weak with grief for you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥