Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.17: नरसिंह! यदि कोई एक ओर तो चारों वेदों का उनके अंगों और उपांगों सहित विस्तारपूर्वक अध्ययन करे और दूसरी ओर केवल सत्य बोले, तो वह उससे अवश्य ही श्रेष्ठ है ॥17॥ | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरसिंह! यदि कोई एक ओर तो चारों वेदों का उनके अंगों और उपांगों सहित विस्तारपूर्वक अध्ययन करे और दूसरी ओर केवल सत्य बोले, तो वह उससे अवश्य ही श्रेष्ठ है ॥17॥
Narasimha! If on one hand one studies all the four Vedas in detail along with their parts and sub-parts and on the other hand one only speaks the truth, then it is certainly better than that. ॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥