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ऋते त्वां मानुषीं मर्त्यं न पश्यामि महावने।
तथा नो यक्षराडद्य मणिभद्र: प्रसीदतु॥ १३०॥
अनुवाद
'इस विशाल वन में मैंने तुम्हारे समान मानव कन्या के अतिरिक्त अन्य कोई मनुष्य नहीं देखा है। अतः आज यक्षराज मणिभद्र हम पर प्रसन्न हों।'॥130॥
'I have not seen any other human being in this vast forest except a human girl like you. Therefore, may Yaksharaj Manibhadra be pleased with us today.'॥ 130॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥