Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.122: यात्रियों के समूह द्वारा ऐसी बातें कहे जाने पर पति के वियोग से उत्पन्न शोक से पीड़ित हुई धर्मपरायण राजकुमारी दमयन्ती ने उन सबको इस प्रकार उत्तर दिया - ॥122॥ | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यात्रियों के समूह द्वारा ऐसी बातें कहे जाने पर पति के वियोग से उत्पन्न शोक से पीड़ित हुई धर्मपरायण राजकुमारी दमयन्ती ने उन सबको इस प्रकार उत्तर दिया - ॥122॥
When such words were said by the group of travelers, the pious princess Damayanti, suffering from the grief caused by the separation from her husband, answered them all thus -॥122॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥