Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.12: राजा! विदर्भ की कन्या दमयंती अपने पति के वियोग में बहुत दुःखी हो गई, इसलिए वह अत्यन्त दुःखी हो गई और एक शिला के नीचे बैठकर बहुत विलाप करने लगी। | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! विदर्भ की कन्या दमयंती अपने पति के वियोग में बहुत दुःखी हो गई, इसलिए वह अत्यन्त दुःखी हो गई और एक शिला के नीचे बैठकर बहुत विलाप करने लगी।
King! Damayanti, the daughter of Vidarbha, was filled with grief at the separation from her husband. Therefore, she became very sad and sat down under a rock and started wailing a lot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥