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mahabharat 3.64.116: दमयन्ती को अचानक वहाँ देखकर बहुत से लोग डरकर भाग गए। कुछ लोग बहुत घबरा गए और कुछ चीखने-चिल्लाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  3.64.116 
तां दृष्ट्वा तत्र मनुजा: केचिद् भीता: प्रदुद्रुवु:।
केचिच्चिन्तापरा जग्मु: केचित् तत्र विचुक्रुशु:॥ ११६॥
 
 
अनुवाद
दमयन्ती को अचानक वहाँ देखकर बहुत से लोग डरकर भाग गए। कुछ लोग बहुत घबरा गए और कुछ चीखने-चिल्लाने लगे।
 
Seeing Damayanti there suddenly many people ran away in fear. Some were deeply worried and some started screaming and shouting. 116.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)