Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.64.113: उसके तटों पर सारस, कुरर और चक्रवाक जैसे पक्षी चहचहा रहे थे। कछुओं, मगरमच्छों और मछलियों से भरी नदी बड़े-बड़े द्वीपों से सुशोभित थी। | mahabharat अध्याय 3.64: दमयन्तीका विलाप और प्रलाप, तपस्वियोंद्वारा दमयन्तीको आश्वासन तथा उसकी व्यापारियोंके दलसे भेंट । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके तटों पर सारस, कुरर और चक्रवाक जैसे पक्षी चहचहा रहे थे। कछुओं, मगरमच्छों और मछलियों से भरी नदी बड़े-बड़े द्वीपों से सुशोभित थी।
Birds like the crane, the kurar and the chakravaka were chirping on its banks. The river, full of turtles, crocodiles and fish, was adorned with large islands. 113.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥