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mahabharat 3.62.19: नल ने उसमें से दमयन्ती का आधा वस्त्र काटकर अपने ऊपर ओढ़ लिया और विदर्भ की राजकुमारी दमयन्ती को अचेत अवस्था में सोता हुआ छोड़कर शीघ्रता से वहाँ से चला गया।   |   mahabharat अध्याय 3.62: राजा नलकी चिन्ता और दमयन्तीको अकेली सोती छोड़कर उनका अन्यत्र प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 62: राजा नलकी चिन्ता और दमयन्तीको अकेली सोती छोड़कर उनका अन्यत्र प्रस्थान  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.62.19 
तेनार्धं वाससश्छित्त्वा निवस्य च परंतप:।
सुप्तामुत्सृज्य वैदर्भीं प्राद्रवद् गतचेतनाम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
नल ने उसमें से दमयन्ती का आधा वस्त्र काटकर अपने ऊपर ओढ़ लिया और विदर्भ की राजकुमारी दमयन्ती को अचेत अवस्था में सोता हुआ छोड़कर शीघ्रता से वहाँ से चला गया।
 
Cutting off half of Damayanti's garment from that, Nala covered himself with it and leaving Damayanti, the princess of Vidarbha sleeping unconscious, he hurried away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)