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mahabharat 3.62.13: बहुत विचार-विमर्श के बाद नल इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि दमयंती को त्याग देना ही उनके लिए सर्वोत्तम होगा।   |   mahabharat अध्याय 3.62: राजा नलकी चिन्ता और दमयन्तीको अकेली सोती छोड़कर उनका अन्यत्र प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 62: राजा नलकी चिन्ता और दमयन्तीको अकेली सोती छोड़कर उनका अन्यत्र प्रस्थान  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.62.13 
स विनिश्चित्य बहुधा विचार्य च पुन: पुन:।
उत्सर्गं मन्यते श्रेयो दमयन्त्या नराधिप॥ १३॥
 
 
अनुवाद
बहुत विचार-विमर्श के बाद नल इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि दमयंती को त्याग देना ही उनके लिए सर्वोत्तम होगा।
 
After much deliberation, Nala arrived at a conclusion and believed that it would be best for him to abandon Damayanti.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)