माननीय! वहाँ विदर्भ के राजा आपका बड़ा आदर-सत्कार करेंगे। हे राजन! उनसे सम्मानित होकर आप हमारे घर में सुखपूर्वक रहेंगे। 36.
Honorable! There the King of Vidarbha will treat you with great respect. O King! After being respected by him, you will live happily in our house. 36.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि नलोपाख्यानपर्वणि नलवनयात्रायामेकषष्टितमोऽध्याय:॥ ६१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत नलोपाख्यानपर्वमें नलकी वनयात्राविषयक इकसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)