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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 61: नलका जूएमें हारकर दमयन्तीके साथ वनको जाना और पक्षियोंद्वारा आपद्ग्रस्त नलके वस्त्रका अपहरण
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श्लोक 29
श्लोक
3.61.29
न च भार्यासमं किंचिद् विद्यते भिषजां मतम्।
औषधं सर्वदु:खेषु सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ २९॥
अनुवाद
'डॉक्टर कहते हैं कि पत्नी के समान कोई औषधि नहीं है जो सभी दुखों को दूर कर दे; यह मैं तुमसे सच कहता हूँ।'
‘Doctors say that there is no medicine like a wife to soothe all sorrows; I tell you this truth.’
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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