श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 61: नलका जूएमें हारकर दमयन्तीके साथ वनको जाना और पक्षियोंद्वारा आपद्‍ग्रस्त नलके वस्त्रका अपहरण  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.61.25 
तत: सा बाष्पकलया वाचा दु:खेन कर्शिता।
उवाच दमयन्ती तं नैषधं करुणं वच:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब दमयन्ती दुःख से दुर्बल हो गई, नेत्रों से आँसू बहाती हुई और रुँधे हुए स्वर से राजा नल से यह करुण वचन कहने लगी-॥25॥
 
Then Damayanti, weakened by grief, with tears flowing from her eyes and in a choked voice spoke these pitiful words to King Nala -॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)