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mahabharat 3.61.24: भरत! राजा नल ने एकाग्रचित्त और उत्सुक मन से दमयन्ती से बार-बार उपरोक्त वचन कहे।   |   mahabharat अध्याय 3.61: नलका जूएमें हारकर दमयन्तीके साथ वनको जाना और पक्षियोंद्वारा आपद्‍ग्रस्त नलके वस्त्रका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.61.24 
एतद् वाक्यं नलो राजा दमयन्तीं समाहित:।
उवाचासकृदार्तो हि भैमीमुद्दिश्य भारत॥ २४॥
 
 
अनुवाद
भरत! राजा नल ने एकाग्रचित्त और उत्सुक मन से दमयन्ती से बार-बार उपरोक्त वचन कहे।
 
Bhaarata! King Nala with his mind focused and eager mind repeated the above words to Damayanti again and again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)