श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 61: नलका जूएमें हारकर दमयन्तीके साथ वनको जाना और पक्षियोंद्वारा आपद्‍ग्रस्त नलके वस्त्रका अपहरण  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.61.14 
ततस्तान् परिधानेन वाससा स समावृणोत्।
तस्य तद् वस्त्रमादाय सर्वे जग्मुर्विहायसा॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उसने उन पक्षियों को अपने अधोवस्त्र से ढक दिया, परन्तु वे सब पक्षी उसके वस्त्र लेकर आकाश में उड़ गए॥14॥
 
Thereafter he covered those birds with his undergarment. But all those birds took his cloth and flew away into the sky.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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