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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 60: दु:खित दमयन्तीका वार्ष्णेयके द्वारा कुमार-कुमारीको कुण्डिनपुर भेजना
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श्लोक 19
श्लोक
3.60.19
नलस्य दयितानश्वान् योजयित्वा मनोजवान्।
इदमारोप्य मिथुनं कुण्डिनं यातुमर्हसि॥ १९॥
अनुवाद
हे राजा के प्रिय, तुम मन के समान वेगवान घोड़ों को रथ में जोतो और इन दोनों बालकों को उस पर बिठाकर कुण्डिनपुर जाओ।॥19॥
'You, dear to the king, harness the horses as swift as the mind to the chariot and seat these two children on it and go to Kundinpur.'॥ 19॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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